अम्बेडकरनगर। भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित 23वें प्रांतीय वैदिक गणित मेले-2026 का भव्य शुभारंभ विवेकानन्द शिशु कुञ्ज सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल, एनटीपीसी टाण्डा, अम्बेडकर नगर में हुआ। 27 अक्टूबर से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय प्रांतीय मेले के उद्घाटन सत्र में अम्बेडकर नगर की जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा विद्यार्थियों में उत्साह और नई ऊर्जा का संचार किया। उद्घाटन समारोह में भारतीय शिक्षा समिति, अवध प्रांत के प्रदेश निरीक्षक श्री राम जी सिंह जी, साकेत संभाग के संभाग निरीक्षक श्री गोपाल राम मिश्रा जी, सीतापुर संभाग के संभाग निरीक्षक श्री अवरीश जी, विद्यालय के अध्यक्ष श्री अंजनी कुमार वर्मा जी, विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री मनीराम वर्मा जी, विद्यालय प्रबंध समिति की सदस्य श्रीमती करुणा वर्मा जी तथा विद्या भारती के पूर्णकालिक कार्यकर्ता श्री उत्तम मिश्रा जी, श्री सुरेश सिंह जी, श्री सुरेश मणि जी एवं श्री मुनेन्द्र जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वैदिक गणित के सह-प्रांत संयोजक श्री बबीन सिंह जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य श्री नीरज कुमार शुक्ला जी ने उपस्थित अतिथियों का परिचय कराते हुए उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने अतिथियों को अंगवस्त्र, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। स्वागत एवं सम्मान की इस गरिमामयी परंपरा ने भारतीय संस्कृति की अतिथि-सत्कार भावना को सजीव रूप प्रदान किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया जी ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान की वृद्धि के साथ-साथ संस्कारवान बनना भी अत्यंत आवश्यक है। चरित्र निर्माण जीवन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। ज्ञान के साथ संस्कारों का समावेश ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने लक्ष्य के प्रति सदैव सजग रहें और उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी, लगन एवं निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ें। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना तथा ईमानदारी के साथ उसे प्राप्त करने का प्रयास करना विद्यार्थियों की सफलता की पहली सीढ़ी है। साथ ही इस बात पर विशेष बल दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, अनुशासित, संस्कारवान एवं चरित्रवान नागरिक बनना भी है। उनका प्रेरणादायी संबोधन विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हुआ।
23वें प्रांतीय वैदिक गणित मेले का आयोजन विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करने, उनकी तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति गौरव की भावना जागृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वैदिक गणित विद्यार्थियों को गणनाओं की सरल, सहज एवं प्रभावी विधियों से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी एकाग्रता, बौद्धिक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को विकसित करने में सहायक है। इस प्रकार के शैक्षिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नई विधियों को सीखने तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। तीन दिवसीय इस प्रांतीय मेले के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को अपनी गणितीय प्रतिभा का प्रदर्शन करने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरागत ज्ञान एवं आधुनिक शिक्षा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री मनीराम वर्मा जी ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया।
© Bhartiya Shiksha Samiti, U.P, Awadh Prant. All Rights Reserved.