सी.बी.एस.ई. का त्रिभाषा सूत्र स्वागतयोग्य एवं प्रशंसनीय कदम : राम जी सिंह
लखनऊ। भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक राम जी सिंह ने सी.बी.एस.ई. द्वारा लागू किए जा रहे त्रिभाषा सूत्र का स्वागत करते हुए इसे भारतीय भाषाओं, संस्कृति एवं शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
मा. राम जी सिंह की अध्यक्षता में पं. तेजराम प्रबंधक समिति एवं सुदामापुरी प्रबंधक समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें त्रिभाषा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उन्होंने कहा कि इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों में बहुभाषिक क्षमता का विकास करना है, जिससे वे विभिन्न भारतीय भाषाओं को सीखने एवं समझने में सक्षम बन सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीसरी भाषा को लेकर विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का बोर्ड परीक्षा का दबाव नहीं रहेगा तथा छात्र अपनी रुचि के अनुसार भाषा का चयन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अधिक भाषाओं का ज्ञान बच्चों की तार्किक क्षमता, सीखने की दक्षता एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मा. राम जी सिंह ने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों की मातृभाषा, क्षेत्रीय संस्कृति एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगी। साथ ही कई भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों को अंतःराज्यीय संवाद, उच्च शिक्षा एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगा। बैठक में उपस्थित प्रबंध समिति के सदस्यों ने भी सी.बी.एस.ई. के इस निर्णय का समर्थन करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक एवं दूरदर्शी बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।