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भारतीय शिक्षा समिति , उत्तर प्रदेश

सरस्वती कुञ्ज , निरालानगर, लखनऊ

सीतापुर: पांच दिवसीय "प्रांतीय घोष प्रशिक्षण वर्ग" संपन्न

सीतापुर जुगुल किशोर गोविन्द प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लहरपुर के प्रांगण में विद्या भारती अवध प्रांत द्वारा आयोजित पांच दिवसीय "प्रांतीय घोष प्रशिक्षण वर्ग" का आज वंदना एवं समापन सत्र के साथ गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। 22 से 26 जून तक आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में अवध प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से आए भैया-बहनों ने घोष वादन, अनुशासन और सामूहिक जीवन का उत्कृष्ट परिचय प्रस्तुत किया। प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम दिवस पर माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रांत से आए प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को वेणु, आनक, शंख सहित विभिन्न घोष वाद्यों के मूलभूत नियमों एवं अनुशासन का प्रशिक्षण प्रदान किया।

द्वितीय दिवस में वादन रचनाओं तथा संचलन अभ्यास पर विशेष बल दिया गया। भैया-बहनों ने कदमताल के साथ मार्च-पास्ट का अभ्यास कर सामूहिकता और एकाग्रता का परिचय दिया। तृतीय दिवस पर अवध प्रांत की पारंपरिक एवं प्रांतीय घोष रचनाओं का सामूहिक अभ्यास कराया गया, जबकि चतुर्थ दिवस को पूर्ण गणवेश में घोष टोली द्वारा आकर्षक संचलन एवं प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतिम दिवस की शुरुआत वंदना सत्र से हुई, जिसके उपरांत आयोजित समापन समारोह में मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

मुख्य उद्बोधन देते हुए प्रांतीय शैक्षिक प्रमुख श्री सुरेश सिंह जी ने कहा कि घोष केवल संगीत का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, एकाग्रता और राष्ट्रभक्ति का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि घोष वादन व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास और सामूहिक चेतना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशिष्ट अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी, सकरन श्री ओमकार सिंह जी ने दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों की प्रतिभा और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षा के समग्र स्वरूप को सुदृढ़ बनाते हैं। संभाग निरीक्षक, साकेत संभाग श्री गोपाल राम मिश्र जी ने प्रशिक्षण वर्ग की व्यवस्थाओं और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में पूर्णकालिक कार्यकर्ता श्री मुनेंद्र दत्त शुक्ल जी तथा विद्यालय के सह प्रबंधक श्री राजेश्वर रस्तोगी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरस्वती शिशु मंदिर एवं शिशु वाटिका, लहरपुर के प्रबंधक श्री निरंकार मेहरोत्रा जी, जुगुल किशोर गोविन्द प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंधक श्री आशीष मेहरोत्रा जी तथा प्रधानाचार्य एवं मुख्य आयोजक श्री अनुराग मिश्र जी के नेतृत्व में सम्पूर्ण कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। समापन अवसर पर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया गया तथा प्रतिभागी भैया-बहनों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजक मंडल ने सभी सहयोगियों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रांतीय घोष प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से प्रतिभागियों ने घोष वादन की तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ नेतृत्व, अनुशासन, राष्ट्रीयता और सामूहिक जीवन के मूल्यों को आत्मसात किया। अब ये प्रशिक्षित भैया-बहन अपने-अपने विद्यालयों में जाकर अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, जिससे घोष परंपरा और अधिक सुदृढ़ होगी।

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