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भारतीय शिक्षा समिति , उत्तर प्रदेश

सरस्वती कुञ्ज , निरालानगर, लखनऊ

लखनऊ : ज्योमैट्रिकल पार्क मॉडल बना आकर्षण का केंद्र

लखनऊ। सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर–क्यू, अलीगंज में आयोजित गणित प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और बौद्धिक प्रतिभा देखते ही बन रही थी। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ज्योमैट्रिकल पार्क का मॉडल रहा, जिसने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संगठन मंत्री मा. हेमचंद्र जी एवं प्रदेश निरीक्षक श्री रामजी सिंह द्वारा श्रीफल से किया गया। यह आयोजन महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की स्मृति में आयोजित किया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विविध मॉडलों और आकृतियों के माध्यम से उनकी प्रतिभा का मूल्यांकन करना अत्यंत कठिन हो गया है, क्योंकि प्रत्येक मॉडल अपनी विशिष्टता और नवीनता के कारण सराहनीय था। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने भास्कराचार्य, आर्यभट्ट, शकुंतला देवी, मंजुल भार्गव, डी.आर. कापेटकर, ब्रह्मगुप्त, वराहमिहिर, आर.सी. बोस, सी.आर. राव जैसे महान गणितज्ञों की भूमिका और वेश धारण कर उनके योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही DNA की जटिल संरचना, विकसित भारत की परिकल्पना, अवकलन, थ्री-डी वर्किंग मॉडल (कोन, सिलेंडर, घनाभ), पाइथागोरस प्रमेय, थेल्स प्रमेय, कापेटकर मॉडल सहित अनेक गणितीय सूत्रों को सरल रूप में समझाया गया। खाद्य पदार्थों से बनाए गए गणितीय मॉडल, गणित के व्यावहारिक प्रयोग, कंप्यूटर, वाणिज्य और जीव विज्ञान से संबंधित मॉडलों ने भी दर्शकों को प्रभावित किया।

इस प्रदर्शनी में प्रखर बाजपेई, लक्ष्य, देवांश, धर्मांश, दिव्यांशी, संगम, यशिका, काव्या, आद्या, निखिल, प्रगयेश सिंह, हर्षिता, प्रथमेश पांडेय, शौर्य निगम, आदर्श सिंह सहित अनेक विद्यार्थियों ने आचार्य धर्मेंद्र ओझा, अनिल सिंह, श्रद्धा पांडेय, मनीष भट्ट एवं गंगाधर द्विवेदी के मार्गदर्शन में मॉडल तैयार कर श्रीनिवास रामानुजन का जन्मदिवस सार्थक रूप से मनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्रदर्शनी ने यह सिद्ध कर दिया कि गणित न केवल कठिन विषय है, बल्कि रचनात्मकता और प्रयोगों के माध्यम से इसे रोचक और सरल बनाया जा सकता है।

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