रायबरेली। गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में शुक्रवार को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ अत्यंत श्रद्धा और भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में माता-पिता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भारतीय संस्कृति के उच्च मूल्यों का विकास करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शिव नारायण सोनी जी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि माता-पिता ईश्वर का साक्षात स्वरूप हैं और उनकी सेवा ही सच्ची पूजा है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सदैव अपने माता-पिता का आदर करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का परिचय श्री सुनील बाजपेई जी द्वारा कराया गया। इस अवसर पर श्रीमती वंदना बाजपेई, श्री अंजनी बाजपेई एवं वरिष्ठ मार्गदर्शक श्री गिरजा शंकर त्रिवेदी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्री त्रिवेदी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही व्यक्ति को महान बनाती है और यही समाज के उत्थान का आधार है। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने माता-पिता के चरण पखारे, तिलक लगाया और आरती उतारी। बच्चों के इस श्रद्धा भाव को देखकर कई अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री श्रवण कुमार अवस्थी जी ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ते हैं। कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। आयोजन ने समाज में पारिवारिक मूल्यों की महत्ता को पुनः रेखांकित किया।
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