सीतापुर में नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ, “हम ज्ञान के मंदिर के पुजारी हैं” का संदेश
सीतापुर। आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शनिवार को 15 दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आरंभ माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य राम निवास सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रवक्ता राजेश पाण्डेय द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र में अवध प्रांत के प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने प्रस्ताविकी प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज का शिक्षक केवल ‘टीचर’ नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली गुरु परंपरा का वाहक ‘आचार्य’ है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण वर्ग उसी सांस्कृतिक और शैक्षिक परंपरा की ज्योति को नवचयनित आचार्यों तक पहुंचाने का माध्यम है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर जी ने कहा कि विद्या भारती विद्यालयों को मंदिर के रूप में देखती है, जहां आचार्य पुजारी की भूमिका निभाते हैं और विद्यार्थी ईश्वर के अंश समान होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे कोरे कागज की तरह होते हैं, जिनके व्यक्तित्व का निर्माण आचार्य करते हैं। इसी कारण भारतीय संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान सम्मान दिया गया है।
डॉ. राम मनोहर जी ने आचार्य जीवन के तीन मूल सूत्र बताते हुए कहा कि समझदारी से ईमानदारी, ईमानदारी से जिम्मेदारी और जिम्मेदारी से भागीदारी का भाव विकसित होता है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी केवल आर्थिक नहीं होती, बल्कि समय पालन और कर्तव्यनिष्ठा भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। व्यक्ति निर्माण को उन्होंने परमाणु बम निर्माण से भी बड़ी घटना बताते हुए कहा कि एक संस्कारित व्यक्ति समाज के हर क्षेत्र को सुगंधित करता है। वक्ताओं ने सरस्वती शिशु मंदिर की 74 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1952 में एक झोपड़ी से शुरू हुई यह शिक्षा यात्रा आज देशभर में संस्कार आधारित शिक्षा का मजबूत माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा को माध्यम बनाया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर, भारतीय शिक्षा समिति अध्यक्ष हरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, डॉ. किरनलता डंगवाल, प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह, संभाग निरीक्षक अवरीश जी, गोपाल राम मिश्र, सुरेश मणि, अचल नारायण, सुरेश सिंह, मुनेन्द्र जी, विद्यालय अध्यक्ष सुभाष चंद्र अग्निहोत्री, प्रबंधक राम रस्तोगी एवं प्रधानाचार्य राम निवास सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। अंत में आभार ज्ञापन विद्यालय अध्यक्ष सुभाष चंद्र अग्निहोत्री ने किया।