info@bssawadhprant.org

भारतीय शिक्षा समिति , उत्तर प्रदेश

सरस्वती कुञ्ज , निरालानगर, लखनऊ

सीतापुर में आयोजित नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र को संबोधित करते क्षेत्रीय मंत्री: डॉ. सौरभ मालवीय जी

सीतापुर I आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विद्या भारती द्वारा आयोजित 15 दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन सत्र सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मंत्री (विद्या भारती) डॉ. सौरभ मालवीय तथा विशिष्ट अतिथि भारतीय शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरेन्द्र श्रीवास्तव रहे।

अपने संबोधन में डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा ही राष्ट्र को सशक्त और समृद्ध बना सकती है। आचार्यों का दायित्व है कि वे नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, संस्कार और कर्तव्यबोध का विकास करें।

उन्होंने कहा कि भारत केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति, सेवा और मानवता की जीवनदृष्टि का प्रतीक है। वर्तमान समय में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को समाज तक पहुंचाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। डॉ. मालवीय ने बताया कि विद्या भारती आगामी वर्ष गुरु पूर्णिमा से अपना 75वां ‘अमृत महोत्सव वर्ष’ मनाने जा रही है। उन्होंने आह्वान किया कि भारत-केंद्रित शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी आचार्य समर्पित भाव से कार्य करें।

इस अवसर पर अवध प्रांत के प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह, पूर्णकालिक अधिकारी बंधु, संभाग निरीक्षक तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र अग्निहोत्री ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त नवचयनित आचार्यों ने संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। 

© Bhartiya Shiksha Samiti, U.P, Awadh Prant. All Rights Reserved.