विद्याभारती विद्यालय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में अभिभावक गोष्ठी संपन्न
लखीमपुर-खीरी। दिनांक 21-02-26, शनिवार को विद्याभारती विद्यालय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर मिश्राना में कक्षा पंचम के अभिभावकों की अभिभावक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि श्रीमती विनीता त्रिपाठी (राष्ट्रीय स्वयंसेविका समिति), विशिष्ट अतिथि श्री विजय कुमार वर्मा (पूर्व प्रधानाचार्य), कार्यक्रम अध्यक्ष श्री अशोक कुमार मिश्रा (सचिव, साधन सहकारी समिति) एवं प्रधानाचार्य श्री मुनेन्द्र दत्त शुक्ल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रथम सहायक आचार्य श्री ज्ञानेंद्र कुमार बाजपेई ने रोली, बैज एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया।
प्रधानाचार्य श्री मुनेन्द्र दत्त शुक्ल ने गोष्ठी के आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए अभिभावकों से विद्यालय के साथ सतत सहयोग की अपेक्षा की। श्री विजय शंकर तिवारी ने शिशुओं के बस्ता पूर्णता, नियोजित गृहकार्य एवं वेश-भूषा की पूर्णता पर विचार रखे। श्री मनोज दीक्षित ने पौष्टिक आहार एवं आदर्श दिनचर्या की आवश्यकता बताई, वहीं श्री उत्तम कुमार मिश्रा ने सद्संस्कार, नैतिकता एवं समय पालन पर अपने विचार व्यक्त किए। अभिभावकों की ओर से श्रीमती सुनीता मौर्य, श्री श्याम किशोर मिश्रा एवं श्री राघवेंद्र अवस्थी ने अपने पाल्यों के व्यवहार, संस्कार एवं शैक्षिक प्रगति पर विचार साझा किए। प्रधानाचार्य ने अभिभावकों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विगत वर्षों की सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सत्र 2023-24 में प्रथम स्थान प्राप्त भैया आदर्श मिश्रा एवं तृतीय स्थान प्राप्त भैया धनंजय दीक्षित तथा सत्र 2024-25 में प्रथम स्थान प्राप्त भैया मेधांश बाजपेई एवं द्वितीय स्थान प्राप्त भैया अमितोश मिश्रा को प्रांत द्वारा प्रेषित चेक प्रदान किए गए। उनके अभिभावकों को विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथि ने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने तथा घरों में मर्यादित व प्रेरणादायी चित्र लगाने की सलाह दी। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में बच्चों के जिज्ञासु मन के प्रश्नों का समाधान करने पर बल दिया। उन्होंने थॉमस अल्वा एडिसन की प्रेरक कथा का उल्लेख करते हुए बच्चों को प्रयोगधर्मी बनने की प्रेरणा दी तथा शिवाजी को महान बनाने में जीजाबाई के त्याग और समर्थ रामदास के मार्गदर्शन का उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने भी उपस्थित जनों को संबोधित किया। अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर का समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा।