लखनऊ। भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश द्वारा सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर क्यू, अलीगंज, में पाँच दिवसीय प्रांतीय प्रधानाचार्य कार्ययोजना बैठक का शुभारम्भ हुआ। यह कार्यशाला 21 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जा रही है। उद्घाटन सत्र में क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री हेमचंद जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, नवीन शिक्षण पद्धतियों का आदान-प्रदान तथा प्रबंधन कौशल का विकास करना है। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षाविद अपने अनुभव साझा कर रहे हैं तथा समसामयिक शैक्षिक विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। कार्यक्रम में अवध प्रांत नगरीय 13 जिलों के 138 प्रधानाचार्य, प्राथमिक विभाग के प्रभारी अथवा उनके प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। 17 शैक्षिक सत्रों में विभाजित इस बैठक में 58 हजार विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान करने वाले प्रधानाचार्य वर्ष 2026-27 की योजना-रचना करेंगे।
बैठक के दूसरे दिन वंदना सभा में भारतीय शिक्षा समिति के विद्यालयों में दीर्घकाल तक प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत रहे एवं अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया। साथ ही वार्षिक पत्रिका “क्षितिज” का विमोचन क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय, अध्यक्ष श्री हरेंद्र श्रीवास्तव तथा सह मंत्री श्री अश्वनी मिश्र द्वारा किया गया। क्षेत्रीय मंत्री जी ने बताया कि प्रधानाचार्यों में श्रेष्ठ प्रशासक, प्रेरक, संरक्षक एवं नवाचारों को अपनाने के गुण होने चाहिए। विद्यालय विकास के साथ तकनीकी उन्नयन पर भी बल देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती वर्ष 2027 की गुरु पूर्णिमा से अपनी 75 वर्षों की वैचारिक यात्रा का अमृत स्वर्णकाल मनाने जा रहा है।
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