लखीमपुर-खीरी। विद्याभारती विद्यालय सनातन धर्म सरस्वती शिशु वाटिका, मिश्राना में भारतीय नव संवत्सर एवं शक्ति की आराधना हेतु वासंतिक नवरात्रि के प्रारंभ का कार्यक्रम हर्ष एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पार्चन एवं वंदना से हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती हीरा सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष का प्रारंभ होता है, जो इस वर्ष 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 के रूप में आरंभ हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संवत 2083 में अधिकमास (अधिक ज्येष्ठ मास) होने के कारण यह 13 महीनों का होगा। साथ ही इस दिन गुड़ी पड़वा का पर्व भी मनाया जाता है तथा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी।
कार्यक्रम की संयोजिका बहन पूनम सिंह ने नव संवत्सर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी दिन भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक, सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत का प्रारंभ, महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना, सिंधी समाज के पूज्य भगवान झूलेलाल की जयंती तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार की जयंती भी मनाई जाती है। इस अवसर पर शिशु वाटिका के बच्चों ने बहन रजनी कपूर एवं बहन पूनम सिंह के नेतृत्व में जिले के प्रमुख अधिकारियों—जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग, सदर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह (पुरातन छात्र), मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष गुप्ता, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव भल्ला एवं शिशु वाटिका के प्रबंधक रवि भूषण साहनी—को नव संवत्सर की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम में शिशु वाटिका की समस्त बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में शांतिमंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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