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भारतीय शिक्षा समिति , उत्तर प्रदेश

सरस्वती कुञ्ज , निरालानगर, लखनऊ

लखनऊ: सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वार्षिकोत्सव सम्पन्न

लखनऊ। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-क्यू अलीगंज, लखनऊ में वार्षिकोत्सव ‘स्नेहांकुर – परम्परा से प्रगति तक’ हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि अपरिमेय श्यामदास प्रभु (अध्यक्ष, इस्कॉन मन्दिर) सहित विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘स्नेहांकुर’ नाम प्रस्तावित करने वाली छात्रा प्रनवी को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य श्री संतोष कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती वन्दना एवं विद्या भारती के लक्ष्य गीत से हुआ। नन्हें-मुन्नों ने पी.टी. डांस तथा ‘मेरे पापा–मेरे पापा’ नृत्य प्रस्तुत कर पारिवारिक मूल्यों को मंच पर जीवंत किया। ‘आरम्भ है प्रचण्ड’, राजस्थानी लोकनृत्य, ‘इत्ती सी हँसी’ तथा छत्रपति शम्भाजी महाराज के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका ने दर्शकों को इतिहास से रूबरू कराया। भगवान श्रीराम की स्तुति एवं ‘बेटी बचाओ’ विषयक लघु नाटिका ने सामाजिक चेतना का संदेश दिया।

युवा भाजपा नेता नीरज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही राष्ट्रनिर्माण की आधारशिला है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख ने भारतीय परम्पराओं के संरक्षण को राष्ट्र की शक्ति बताया। ‘कजरी’, ‘बम भोले’, गुजराती नृत्य तथा ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ की लघु नाटिका ने भारतीय लोकसंस्कृति, शौर्य और साहस की प्रेरक झलक प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि अपरिमेय श्यामदास प्रभु ने अपने आशीर्वचन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सेवा भावना का विकास भी है। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबन्ध समिति के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. आर.के. गर्ग ने सभी का आभार व्यक्त किया। ‘वन्दे मातरम्’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 

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