सीतापुर I विद्या भारती की प्रांतीय वार्षिक निरीक्षण योजना के अंतर्गत जय बजरंग पब्लिक इंटर कॉलेज सिपाह, अंबेडकर नगर की चार सदस्यीय टीम वार्षिक निरीक्षण हेतु आनंदी देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सीतापुर में पहुंची । निरीक्षण दल द्वारा शिक्षण कार्य सहित विद्यालय की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया ।सर्वप्रथम प्रातः कालीन वंदना सत्र के अवलोकन के साथ ही निरीक्षण कार्य प्रारंभ हो गया । प्रधानाचार्य दीपक चंदेल के नेतृत्व में आए प्रांतीय निरीक्षण दल का प्रधानाचार्य राम निवास सिंह ने परिचय कराया ।
इस अवसर पर दीपक चंदेल ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए छात्र जीवन में अनुशासन के महत्व को समझाते हुए कहा कि जिस तरह प्रत्येक वाहन में एक ब्रेक सिस्टम होता है जो वाहन को नियंत्रित करता है और चालक को वाहन चलाते समय सुरक्षा प्रदान करता है । वाहन में यदि ब्रेक ना हो तो कभी भी दुर्घटना हो सकती है ठीक इसी प्रकार अनुशासन के बिना भी शिक्षा पूर्ण नहीं हो सकती है आप इसको किस रूप में लेते हैं यह आप पर निर्भर करता है ।
निरीक्षण दल में प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर शास्त्री नगर अंबेडकर नगर सुरेश यादव ,हिंदी प्रवक्ता रामविलास यादव, कार्यालय प्रमुख प्रभाकर मिश्र शामिल रहे। इसी के साथ प्रांत से आए एक विशेष दल में भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष मेजर एस.पी .शाक्य पूर्व प्राचार्य आरएमपी डिग्री कॉलेज सीतापुर तथा प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह एवं श्री राम चंपा देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बिसवां के प्रबंधक आलोक गुप्ता तथा कोषाध्यक्ष ऋतुराज सिंह के द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया गया । विशेष निरीक्षण दल ने शिशुवाटिका की व्यवस्थाओं को देखकर प्रशंसा की ।अवकाश के उपरांत आचार्यों के साथ एक बैठक आयोजित हुई इस बैठक में रामजी सिंह प्रदेश निरीक्षक भारतीय शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश ,मेजर एस.पी.शाक्य पूर्व प्राचार्य आरएमपी डिग्री कॉलेज सीतापुर ,आलोक गुप्ता प्रबंधक श्री राम चंपा देवी इंटर कॉलेज बिसवां, ऋतुराज सिंह कोषाध्यक्ष श्री राम चंपा देवी इंटर कॉलेज बिसवां विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र अग्निहोत्री ,प्रबंधक श्री राम रस्तोगी का सानिध्य प्राप्त हुआ ।बैठक में राम जी सिंह द्वारा बताया गया कि छात्रों को त्रिभाषा फार्मूला पर आधारित शिक्षा कराई जानी चाहिए जिससे बच्चों में तीन भाषाओं का ज्ञान हो सके । उन्हें गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान की जाये जिससे उन्हें पढ़ने में रुचि हो।मेजर एस.पी. शाक्य ने कहा कि विद्यालय में कम्युनिकेशन स्किल्स की नई-नई डिवाइस डेवलप की जाए ,बच्चों की क्षमताओं को पहचाने एवं उसके अनुरूप पढ़ायें,प्यार एवं दुलार के साथ उनकी समस्याएं हल की जाएं ।अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रामनिवास सिंह ने बैठक में उपस्थित निरीक्षण दल तथा सभी आचार्य बंधु /बहनों का आभार ज्ञापित किया ।
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