प्रतियोगिता में विद्यालय के समस्त आचार्य एवं आचार्या बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए निर्धारित विषय पर अपने विचारों को निबंध के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की दीर्घकालिक यात्रा, सेवा कार्य, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य आचार्यों में राष्ट्रबोध, भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं सेवा भावना के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ-साथ अध्ययन, चिंतन एवं लेखन की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना रहा।
प्रधानाचार्य श्रवण कुमार अवस्थी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आचार्यों की चिंतन एवं लेखन क्षमता को विकसित करती हैं तथा उन्हें भारतीय संस्कृति और राष्ट्र जीवन के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। आचार्य संस्कार एवं राष्ट्रबोध के वाहक हैं, इसलिए उनके माध्यम से विद्यार्थियों में भी इन मूल्यों का प्रभावी संचार होता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्यों एवं आचार्या बहनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
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